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भारत नेपाल सीमा क्षेत्रों में जंगली हाथियों का आतंक, वन विभाग के कर्मियों ने लगाया कैंप। News Hindi Bihar

दिघलबैंक- भारत नेपाल की सीम़ाओं से सटे गांवों में हाथियोंं का उत्पात शुरू हो गया हैं। जहाँ मक्का सहित लोगों के घरवार तक को नहीं बक्स रहे हैं। 
चलिए लिए चलते हैं आपको भारत नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र  डोरिया गांव, कामत बिहारटोला की ओर, जहाँ नेपाली क्षेत्र का पिंडालबाड़ी गांव इसके आमने सामने है। जहाँ अभी गजराज का कहर प्रतिदन जारी है । पहले ये रातों में आते और सुबह होते हीं जंगलों की ओर निकल जाते थे, अब दिन दिन भर रहकर मक्कों का संहार करते रहते हैं।

भारतीय सीम़ाओं से सटे नेपाली भूभाग के जंगलों से इनका यह झुंड मक्का फसल लगने के समय हीं आता है। जहाँ वन विभाग के हू -हा , पड़ाकों की आवाजें और पुलिस के सायरन से कभी कभी इन पर असर डाल जाता है। पर वह भी तब जब रात हो जाती हो। नहीं तो ये खेतों में फसलों को खाकर , रौंदकर या फिर किसी ने इनको टोका तो उनके घरों को तोड़कर , मक्कों के लम्बे और घने खेतों में हीं दिन गुजार देते हैं । ऐसे में गजराज के हमलों से गई जानों के डर से लोग दिन तो दिन रात को भी चैन नहीं ले पाते हैं । इनका प्रकोप बारभांग, सूडीभीठा, धनतोला, मूलाबाड़ी, तेलीभीठा, करुवामनी और दुबड़ी, खाड़ी दुबड़ी में अधिकतर देखा जा रहा है। 

प्रखंड में हाथियों के उत्पात के बाद दिघलबैंक बीडीओ पूरण साह ने गांव का लिया जायज़ा, वन विभाग को भेजी जानकारी। वनकर्मियों सहित समान्य प्रशासन भी सीमा पार से लगातार सीमावर्ती क्षेत्रों में हाथियों के आने की खबरों के बीच बचाव एवं राहत पहुंचाने को लेकर मंगलवार शाम से वन विभाग की टीम धनतला में कैंप किए हुए हैं। वन कर्मियों ने रात के समय सीमावर्ती क्षेत्र के बिहार टोला कमात बिहार टोला हाथी डूबा धनतोला आदि जगह पर ड्राइव किया हालांकि मंगलवार की रात क्षेत्र में हाथी घुस आने की खबर नहीं है। जिससे लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। बुधवार की सुबह वनों के क्षेत्र पदाधिकारी उमा नाथ दुबे के नेतृत्व में वन कर्मियों और दिघलबैंक थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से सीमावर्ती गांव बिहारटोला, पीपला, हाथी डूबा आदि गांव में जाकर क्षति का आकलन के साथ हाथों से होने वाली क्षति एवं बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए जागरूकता कार्यक्रम किया।

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